धार्मिक स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने हेतु मंत्रिस्तरीय बैठक
ईरान पर वक्तव्य
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर, जो धर्म या आस्था की सार्वभौमिक आज़ादी को मान्यता देता है और उसकी रक्षा करना चाहते हैं, हम ईरानी सरकार के धार्मिक आज़ादी के गंभीर उल्लंघनों और दुर्व्यवहारों का कड़ा विरोध करते हैं।
ईरान में, ईश निंदा, इस्लाम का धर्मत्याग, और मुसलमानों का धर्मातंरण (धर्म बदलना) मौत की सजा के लायक अपराध हैं। बहुत से ईरानियों को जेलों में दिन काट रहे हैं, जिनमें ग्रेट तेहरान कैदखाना और एविन जेल शामिल हैं, क्योंकि बस उन्होंने अपनी आस्थाओं की पूजा करने, उनका पालन करने, अभ्यास करने और सिखाने के अपने सार्वभौमिक आज़ादी का उपयोग किया था।
मान्यता न दिये गये धार्मिक अल्पसंख्यक, जिनमें बहाईज़ और क्रिश्चियन धर्मातंरण (धर्म बदलना) शामिल हैं, विशेष रूप से भेदभाव, उत्पीड़न और अन्यायपूर्ण कारावास का शिकार बनते हैं। ईरानी सरकार नियमित तौर पर बहाई धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार करना, बहाई कारोबारों को बंद करना और बहाई धर्म के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने को अपनाये हुए है। दर्जनों बहाईज़ ईरान में दिखावटी अभियोगों के अधीन जेल में बंदी बनाये गये हैं। सुरक्षा सेवाएं अक्सर घर में बने चर्चों पर छापा मारती हैं और चर्च के सदस्यों से पूछताछ करती हैं। न्यायाधीश माशाल्लाह अहमदज़देह और अन्य आंदोलनकारी अदालतों के न्यायाधीशों ने धार्मिक अल्पसंख्यक के सदस्यों को उनकी शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों से संबंधित आरोपों पर गंभीर जेल की सज़ाएं सुनाई हैं, जिनमें क्रिश्चियन पादरी यौसैफ़ नदारखानी और विक्टर बैट-तमराज़ शामिल हैं। पिछले साल, ईरानी सरकार ने 200 से अधिक गोनाबादी सूफ़ियों को लम्बी अवधि के कारावासों और अन्य कष्टदायक सज़ाएं सुनाई जबकि गोनाबादी सूफ़ियों पर सुरक्षा बलों के टूटने के बाद वे शांतिपूर्वक अपने एक साथी विश्वास के सदस्यों की नजरबंदी का विरोध कर रहे थे।
हम ईरानी सरकार से अंतरात्मा वाले सभी कैदियों को रिहा करने और धार्मिक स्वतंत्रता के सार्वभौमिक मानवाधिकार के साथ असंगत सभी आरोपों को खारिज करने की अपील करते हैं। हम ईरान से अपने मानवाधिकार दायित्वों के अनुसार, निष्पक्ष मुकदमें चलाए जाने की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए, और सभी बंदियों को चिकित्सा देखभाल तक पहुंच प्रदान करने का आग्रह करते हैं। हम सभी आस्थाओं वाले ईरानियों के साथ खड़े हैं और आशा करते हैं कि जल्दी ही एक ऐसा दिन आएगा जब वे शांति के साथ अपनी अंतरात्मा का अनुसरण करने के लिए आज़ाद होंगे।
सह-हस्ताक्षरकर्ता: यूक्रेन, कोसोवो, मार्शल आईलैंड, सऊदी अरब अमीरात, संयुक्त राज्य अमेरिका
