19 सितंबर को, ईरान पर संयुक्तराष्ट्र के लगभग सारे प्रतिबंध दोबारा लागू हो गए थे, जिनमें संयुक्तराष्ट्र के हथियार प्रतिबंध भी शामिल हैं। तदनुसार, ईरान को कतिपय पारंपरिक हथियारों का निर्यात संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससीआर) 1929 का उल्लंघन है, और ईरान से किसी भी हथियार या संबंधित सामग्री की खरीद यूएनएससीआर 1747 का उल्लंघन है। अमेरिका उन व्यक्तियों या संस्थाओं पर प्रतिबंधों के लिए अपने घरेलू प्राधिकारों का उपयोग करने को तैयार है, जो ईरान को, या उससे, पारंपरिक हथियारों की आपूर्ति, बिक्री या हस्तांतरण से संबद्ध पाए जाएंगे, साथ ही जो उसे इन हथियारों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सेवाएं, तथा अन्य समर्थन प्रदान करेंगे।
उप विदेश मंत्री स्टीफ़न ई. बीगन ने 14 से 16 अक्टूबर तक की अपनी ढाका, बांग्लादेश की यात्रा के दौरान विभिन्न द्विपक्षीय पहलक़दमियों पर अमेरिका-बांग्लादेश साझेदारी के विस्तार के लिए बांग्लादेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की।
विदेश मंत्री पोम्पियो: सुप्रभात। आप सभी का स्वागत है। आज मैं एक ऐसे विषय की चर्चा करना चाहता हूं जिस पर कहीं अधिक ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है, कि अमेरिका दुनिया में अच्छाई की ताक़त है।
मुझे लोकतंत्र, मानवाधिकार एवं श्रम मामलों के ब्यूरो में सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ए. डेस्ट्रो को तिब्बती मुद्दों पर अमेरिका के विशेष समन्वयक के रूप में समानांतर नियुक्ति की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है।
उप विदेश मंत्री स्टीफ़न ई. बीगन ने 12 से 14 अक्टूबर तक की अपनी भारत यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका फ़ोरम में मुख्य भाषण दिया, तथा इसी साल आगे आयोजित अमेरिका-भारत 2+2 मंत्रिस्तरीय संवाद से पूर्व भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की।
अमेरिका पूर्वी भूमध्यसागर के उन इलाक़ों में सर्वेक्षण कार्य दोबारा शुरू करने की तुर्की की 11 अक्टूबर की घोषणा की निंदा करता है, जिन पर कि ग्रीस अपना अधिकार जताता है। तुर्की ने अपनी एकतरफ़ा घोषणा से क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और जानबूझकर हमारे नैटो सहयोगियों ग्रीस और तुर्की के बीच अहम तथ्यान्वेषी वार्ताओं के पुनरारंभ की प्रक्रिया को उलझाने का काम किया है।
विदेश मंत्री पोम्पियो और रक्षा मंत्री एस्पर की अपने समकक्षों जयशंकर और सिंह के साथ इसी साल होने वाली महत्वपूर्ण बैठक, यदि कोविड ने होने दिया, के पूर्व दोबारा भारत आना सुखद है। और इस वर्चुअल भारत-अमेरिका फ़ोरम में शामिल होकर मैं बहुत खुशी महसूस कर रहा हूं।
उप विदेश मंत्री स्टीफ़न ई. बीगन 12 से 16 अक्टूबर तक भारत और बांग्लादेश की यात्रा करेंगे।
उप विदेश मंत्री 12 से 14 अक्टूबर तक नई दिल्ली, भारत में होंगे जहां वह वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे और भारत-अमेरिका फ़ोरम में मुख्य भाषण देंगे।
निम्नांकित पाठ प्रधान उप प्रवक्ता केल ब्राउन के हवाले से है:
विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो ने आज जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी, भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मैरिस पेन के साथ बैठक में एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्वाड के सामूहिक प्रयासों के प्रति
निम्नांकित पाठ प्रधान उप प्रवक्ता केल ब्राउन के हवाले से है:
विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो ने आज अमेरिका-भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान चतुर्पक्षीय विमर्श के दौरान भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ मुलाक़ात की।